संक्षिप्त सार
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है। पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश या उसकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेता है। शपथ में वह संविधान की रक्षा, परिरक्षण और प्रतिरक्षण करने तथा भारत की जनता की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित रहने का वचन देता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है। पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति भारत के मुख्य न्यायाधीश या उसकी अनुपस्थिति में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेता है। शपथ में वह संविधान की रक्षा, परिरक्षण और प्रतिरक्षण करने तथा भारत की जनता की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित रहने का वचन देता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
Article in English
Article 60 relates to Oath or affirmation by President. It is part of The Union Executive and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.
मुख्य बिंदु
- अनुच्छेद 60 का मुख्य विषय: राष्ट्रपति की शपथ या प्रतिज्ञान।
- यह भाग V, अध्याय I - संघ की कार्यपालिका के अंतर्गत आता है।
- परीक्षा में article number, विषय और संबंधित संस्था/प्रक्रिया पूछी जा सकती है।
Exam Useful Points
- Article 60 — Oath or affirmation by President.
- भाग/Chapter: भाग V, अध्याय I.
- याद रखने वाला बिंदु: राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठतम उपलब्ध न्यायाधीश के समक्ष संविधान की रक्षा और जनता की सेवा की शपथ लेता है।