Article 76

भारत का महान्यायवादी

Attorney-General for India
भाग V, अध्याय Iसंघ की कार्यपालिकाThe Union Executive18 June 2026
सभी संविधान अनुच्छेद

संक्षिप्त सार

यह अनुच्छेद भारत के महान्यायवादी की व्यवस्था करता है। महान्यायवादी भारत सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति में से करता है जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता रखता हो। वह सरकार को विधिक सलाह देता है और राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए कानूनी कार्य करता है। उसे संसद की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, लेकिन मतदान का अधिकार नहीं होता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या

यह अनुच्छेद भारत के महान्यायवादी की व्यवस्था करता है। महान्यायवादी भारत सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति में से करता है जो सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता रखता हो। वह सरकार को विधिक सलाह देता है और राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए कानूनी कार्य करता है। उसे संसद की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, लेकिन मतदान का अधिकार नहीं होता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

Article in English

Article 76 relates to Attorney-General for India. It is part of The Union Executive and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.

मुख्य बिंदु

Exam Useful Points

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुच्छेद 76 किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 76 भारत का महान्यायवादी से संबंधित है।
अनुच्छेद 76 किस भाग में आता है?
यह भाग V, अध्याय I - संघ की कार्यपालिका में आता है।