संक्षिप्त सार
यह अनुच्छेद संसद के दोनों सदनों की अवधि बताता है। राज्यसभा स्थायी सदन है और इसका विघटन नहीं होता; उसके सदस्यों का एक-तिहाई भाग प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होता है। लोकसभा की सामान्य अवधि प्रथम बैठक की तारीख से पाँच वर्ष होती है। राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कानून द्वारा इसकी अवधि एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकती है, लेकिन आपातकाल समाप्त होने के बाद यह विस्तार सीमित समय तक ही रहता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या
यह अनुच्छेद संसद के दोनों सदनों की अवधि बताता है। राज्यसभा स्थायी सदन है और इसका विघटन नहीं होता; उसके सदस्यों का एक-तिहाई भाग प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होता है। लोकसभा की सामान्य अवधि प्रथम बैठक की तारीख से पाँच वर्ष होती है। राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कानून द्वारा इसकी अवधि एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकती है, लेकिन आपातकाल समाप्त होने के बाद यह विस्तार सीमित समय तक ही रहता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
Article in English
Article 83 relates to Duration of Houses of Parliament. It is part of Parliament and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.
मुख्य बिंदु
- अनुच्छेद 83 का मुख्य विषय: संसद के सदनों की अवधि।
- यह भाग V, अध्याय II - संसद के अंतर्गत आता है।
- परीक्षा में article number, विषय और संबंधित संस्था/प्रक्रिया पूछी जा सकती है।
Exam Useful Points
- Article 83 — Duration of Houses of Parliament.
- भाग/Chapter: भाग V, अध्याय II.
- याद रखने वाला बिंदु: राज्यसभा स्थायी सदन है और भंग नहीं होती। लोकसभा की सामान्य अवधि पाँच वर्ष होती है, जब तक उसे पहले भंग न किया जाए।