Article 85

संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन

Sessions of Parliament, prorogation and dissolution
भाग V, अध्याय IIसंसदParliament18 June 2026
सभी संविधान अनुच्छेद

संक्षिप्त सार

यह अनुच्छेद संसद के सत्र, सत्रावसान और लोकसभा के विघटन से संबंधित है। राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के दोनों सदनों को बैठक के लिए बुलाता है। दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति सदनों का सत्रावसान कर सकता है और लोकसभा को भंग कर सकता है। यह प्रावधान संसदीय कामकाज की नियमितता और कार्यपालिका-विधायिका संबंधों की औपचारिक व्यवस्था को बनाए रखता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या

यह अनुच्छेद संसद के सत्र, सत्रावसान और लोकसभा के विघटन से संबंधित है। राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के दोनों सदनों को बैठक के लिए बुलाता है। दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति सदनों का सत्रावसान कर सकता है और लोकसभा को भंग कर सकता है। यह प्रावधान संसदीय कामकाज की नियमितता और कार्यपालिका-विधायिका संबंधों की औपचारिक व्यवस्था को बनाए रखता है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

Article in English

Article 85 relates to Sessions of Parliament, prorogation and dissolution. It is part of Parliament and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.

मुख्य बिंदु

Exam Useful Points

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुच्छेद 85 किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन से संबंधित है।
अनुच्छेद 85 किस भाग में आता है?
यह भाग V, अध्याय II - संसद में आता है।