संक्षिप्त सार
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति के विशेष अभिभाषण से संबंधित है। प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहली बैठक में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संबोधित करता है। इस अभिभाषण में सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और आगामी विधायी एजेंडे की व्यापक रूपरेखा रखी जाती है। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है, जिससे सरकार की नीति पर व्यापक संसदीय बहस संभव होती है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या
यह अनुच्छेद राष्ट्रपति के विशेष अभिभाषण से संबंधित है। प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहली बैठक में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संबोधित करता है। इस अभिभाषण में सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और आगामी विधायी एजेंडे की व्यापक रूपरेखा रखी जाती है। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है, जिससे सरकार की नीति पर व्यापक संसदीय बहस संभव होती है। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
Article in English
Article 87 relates to Special address by the President. It is part of Parliament and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.
मुख्य बिंदु
- अनुच्छेद 87 का मुख्य विषय: राष्ट्रपति का विशेष अभिभाषण।
- यह भाग V, अध्याय II - संसद के अंतर्गत आता है।
- परीक्षा में article number, विषय और संबंधित संस्था/प्रक्रिया पूछी जा सकती है।
Exam Useful Points
- Article 87 — Special address by the President.
- भाग/Chapter: भाग V, अध्याय II.
- याद रखने वाला बिंदु: लोकसभा चुनाव के बाद पहले सत्र और हर वर्ष पहले सत्र में राष्ट्रपति दोनों सदनों को संबोधित करता है।