संक्षिप्त सार
यह अनुच्छेद संसद सदस्यों की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है। कोई सदस्य अपना स्थान ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची के अनुसार शपथ/प्रतिज्ञान करता है। इसमें संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखने का वचन होता है। शपथ के बिना सदस्य सदन में बैठने और मतदान करने का अधिकार विधिवत रूप से प्रयोग नहीं कर सकता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या
यह अनुच्छेद संसद सदस्यों की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है। कोई सदस्य अपना स्थान ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची के अनुसार शपथ/प्रतिज्ञान करता है। इसमें संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखने का वचन होता है। शपथ के बिना सदस्य सदन में बैठने और मतदान करने का अधिकार विधिवत रूप से प्रयोग नहीं कर सकता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।
Article in English
Article 99 relates to Oath or affirmation by members. It is part of Conduct of Business and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.
मुख्य बिंदु
- अनुच्छेद 99 का मुख्य विषय: सदस्यों की शपथ या प्रतिज्ञान।
- यह भाग V, अध्याय II - कार्य संचालन के अंतर्गत आता है।
- परीक्षा में article number, विषय और संबंधित संस्था/प्रक्रिया पूछी जा सकती है।
Exam Useful Points
- Article 99 — Oath or affirmation by members.
- भाग/Chapter: भाग V, अध्याय II.
- याद रखने वाला बिंदु: संसद सदस्य अपनी सीट लेने से पहले राष्ट्रपति या उसके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष शपथ या प्रतिज्ञान करता है।