Article 64

उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति

Vice-President to be ex officio Chairman of the Council of States
भाग V, अध्याय Iसंघ की कार्यपालिकाThe Union Executive18 June 2026
सभी संविधान अनुच्छेद

संक्षिप्त सार

यह अनुच्छेद उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति बनाता है। पदेन का अर्थ है कि उपराष्ट्रपति होने के कारण वह स्वतः राज्यसभा का सभापति होता है। सभापति के रूप में वह सदन की कार्यवाही को सुचारु चलाता है, अनुशासन बनाए रखता है और संसदीय नियमों के अनुसार निर्णय देता है। जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तब वह सभापति के कर्तव्य नहीं निभाता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या

यह अनुच्छेद उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति बनाता है। पदेन का अर्थ है कि उपराष्ट्रपति होने के कारण वह स्वतः राज्यसभा का सभापति होता है। सभापति के रूप में वह सदन की कार्यवाही को सुचारु चलाता है, अनुशासन बनाए रखता है और संसदीय नियमों के अनुसार निर्णय देता है। जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तब वह सभापति के कर्तव्य नहीं निभाता। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

Article in English

Article 64 relates to Vice-President to be ex officio Chairman of the Council of States. It is part of The Union Executive and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.

मुख्य बिंदु

Exam Useful Points

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुच्छेद 64 किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति से संबंधित है।
अनुच्छेद 64 किस भाग में आता है?
यह भाग V, अध्याय I - संघ की कार्यपालिका में आता है।