Article 97

सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन-भत्ते

Salaries and allowances of Chairman, Deputy Chairman, Speaker and Deputy Speaker
भाग V, अध्याय IIसंसद के अधिकारीOfficers of Parliament18 June 2026
सभी संविधान अनुच्छेद

संक्षिप्त सार

यह अनुच्छेद राज्यसभा के सभापति, उपसभापति तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्तों से संबंधित है। इन पदों की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए उनके पारिश्रमिक की व्यवस्था संविधान और कानून के अधीन की जाती है। संसदीय पीठासीन अधिकारियों की भूमिका निष्पक्ष संचालन से जुड़ी होती है, इसलिए उनके वेतन-भत्ते स्थिर और विधि-सम्मत व्यवस्था में रखे जाते हैं। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

अनुच्छेद की हिंदी में व्याख्या

यह अनुच्छेद राज्यसभा के सभापति, उपसभापति तथा लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्तों से संबंधित है। इन पदों की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए उनके पारिश्रमिक की व्यवस्था संविधान और कानून के अधीन की जाती है। संसदीय पीठासीन अधिकारियों की भूमिका निष्पक्ष संचालन से जुड़ी होती है, इसलिए उनके वेतन-भत्ते स्थिर और विधि-सम्मत व्यवस्था में रखे जाते हैं। सरल भाषा में, यह अनुच्छेद संविधान की उस व्यवस्था को मजबूत करता है जिससे शासन नियमों, जिम्मेदारियों और तय प्रक्रिया के अनुसार चलता है। संविधान केवल अधिकारों की सूची नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा पद कैसे बनेगा, उसकी शक्ति कहाँ तक होगी, जवाबदेही किसके प्रति होगी और किसी विवाद या रिक्ति की स्थिति में काम कैसे चलेगा। इसी कारण इस अनुच्छेद को पढ़ते समय केवल एक पंक्ति याद करना काफी नहीं होता; उसके पीछे की संवैधानिक सोच भी समझनी चाहिए। परीक्षा दृष्टि से इसके मुख्य बिंदु हैं: अनुच्छेद संख्या, संबंधित पद या संस्था, चुनाव/नियुक्ति/कार्यकाल/शक्ति से जुड़ी शर्तें, और यह कि यह प्रावधान किस भाग से संबंधित है। प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे अनुच्छेदों से सीधे प्रश्न, मिलान वाले प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न और सही/गलत कथन पूछे जाते हैं। इसलिए इसे मूल तथ्य, सरल अर्थ और व्यावहारिक महत्व—तीनों रूपों में याद करना उपयोगी रहता है।

Article in English

Article 97 relates to Salaries and allowances of Chairman, Deputy Chairman, Speaker and Deputy Speaker. It is part of Officers of Parliament and is important for understanding the constitutional structure and for exam preparation.

मुख्य बिंदु

Exam Useful Points

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुच्छेद 97 किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 97 सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन-भत्ते से संबंधित है।
अनुच्छेद 97 किस भाग में आता है?
यह भाग V, अध्याय II - संसद के अधिकारी में आता है।