संक्षिप्त सार
यह अनुच्छेद बताता है कि यदि किसी संसद सदस्य की अयोग्यता को लेकर प्रश्न उठता है तो उस पर निर्णय कौन करेगा। ऐसे मामलों में निर्णय राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, लेकिन राष्ट्रपति निर्णय देने से पहले चुनाव आयोग की राय प्राप्त करता है और उसी राय के अनुसार कार्य करता है। यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि संसद सदस्य की अयोग्यता का निर्णय राजनीतिक विवाद के बजाय संवैधानिक और निष्पक्ष प्रक्रिया से हो।
Article in English
Article 103 provides that questions regarding disqualification of Members of Parliament are decided by the President after obtaining the opinion of the Election Commission.
मुख्य बिंदु
- MP की अयोग्यता का प्रश्न राष्ट्रपति को भेजा जाता है।
- राष्ट्रपति चुनाव आयोग की राय प्राप्त करता है।
- निर्णय चुनाव आयोग की राय के अनुसार होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MP की अयोग्यता पर निर्णय कौन करता है?
राष्ट्रपति चुनाव आयोग की राय के अनुसार निर्णय करता है।
अनुच्छेद 103 किस अनुच्छेद से जुड़ा है?
यह अनुच्छेद 102 से जुड़ा है।